बुधवार, अप्रैल 27, 2011

तुमसे मिल के आने के बाद ... लगा जीवन के लिए प्यार कितना जरूरी है ....
एक अच्छे जीवन के लिए बहुत से प्यार की आवश्यकता होती है
तुमको इतने दिनों बाद आँखे भर कर देखा ..... सिर्फ देखा .....
तुमको छू भी नहीं पाया .... कैसी किस्मत है ... खुद को दिलासा दे रहा हूँ कि तुम बिट्टू को प्यार नहीं करते हो ... इसीलिए वह तुम्हारी लाइफ में नहीं रही ..... वर्ना तो ... कोंन हो सकता था जो इस प्यार में फ़ैल गया .....ईश्वर तो नहीं न.... चल में तेरा इंतजार करता हूँ ........ इससे इंकार मत करना यार मजबूरी नहीं होती तो कोई खुद से  इतना तडपना क्यों चाहेगा ... ! तू मर जा गन्दी लड़की ....
जाते जाते तुमने ये क्यों कहा कि फ़ोन मत करना ... एस एम् एस मत करना ... ये मत करना वो मत करना ... यार कहाँ तो करता हूँ ... अगर यही तुमको बुरा लगने लगा तो ... फिर क्या करूँ .... चलो ये भी मंजूर है .. लेकिन जितना भी प्यार तुमने दिया वो ... बहुत कीमती हो उठा ... चल में ये जनता हूँ क़ि तू खुद को कंट्रोल नहीं कर पाती है ... इसलिय बच कर रहना ही ठीक है ...  ... तेरे लिए यही दुआ है ...
बाय

शनिवार, अप्रैल 23, 2011